खुद से लड़ लेते हैँ,ज़ब ज़माने से लड़ने की बात आती है, बहुत मुश्किल है,यूँ तो खुद को समझाना लेकिन, खुद को ही समझा लेते हैँ , ज़ब ज़माने को समझाने की बात आती है .
दर्द बढ़ता ही जाता है,इस ज़हन -ओ -दिल का , खुद ही दवा कर लेते हैँ ,जब इलाज करने की बात आती है .
दर्द बढ़ता ही जाता है,इस ज़हन -ओ -दिल का , खुद ही दवा कर लेते हैँ ,जब इलाज करने की बात आती है .
Hi prena ji... अच्छी लाइन ।।।। हैं
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