Monday, 23 March 2020

Kaisi ho tum...

कभी गर्मी की धूप सी चुभती हो ,
कभी सर्दी की धूप सी फब्ती हो !!
कभी रेगिस्तान के रेत सी जलाती हो ,
कभी समुंदर के पानी सी बुझाती हो !!
कभी सावन की बारिश सी बरस्ती हो ,
कभी ओस की बूंदो सी चमकती हो !!
कभी बच्चो सी नादान लगती हो ,
कभी गुरु सी विद्वान लगती हो !!