किसी ने हमसे पुछा क्या चीज़ है ये इश्क ?
हमने कहा-
जो नज़रों से दिल में उतर जाए , वो पैगाम है इश्क ।
जो बारिश बन कर बरस जाए, वो घटा है इश्क ।
जो कलियों के खिलने में नज़र आये ,वो अरमान है इश्क ।
बिखरे सूखे पत्तो की कडकडाहट में है इश्क ।
कल- कल करती नदी बहती हुई समुद्र में मिल जाए ,वो आलिंगन है इश्क ।
जब सूरज मधम हो जाये , और अपनी लालिमा फलक पे बिखराए,
वो अंदाज़ है इश्क ।
याद जब उनकी दिल से गुज़र जाए, उस मीठी याद का एहसास है इश्क ।
तरसती आँखों के लिए उनका एक दीदार है इश्क ।
वो मुस्कान, वो शरारत, उनकी हर एक अदा है इश्क ।
और इश्क चीज़ नहीं है यारो, हर दिल का फरमान है इश्क ।।
हमने कहा-
जो नज़रों से दिल में उतर जाए , वो पैगाम है इश्क ।
जो बारिश बन कर बरस जाए, वो घटा है इश्क ।
जो कलियों के खिलने में नज़र आये ,वो अरमान है इश्क ।
बिखरे सूखे पत्तो की कडकडाहट में है इश्क ।
कल- कल करती नदी बहती हुई समुद्र में मिल जाए ,वो आलिंगन है इश्क ।
जब सूरज मधम हो जाये , और अपनी लालिमा फलक पे बिखराए,
वो अंदाज़ है इश्क ।
याद जब उनकी दिल से गुज़र जाए, उस मीठी याद का एहसास है इश्क ।
तरसती आँखों के लिए उनका एक दीदार है इश्क ।
वो मुस्कान, वो शरारत, उनकी हर एक अदा है इश्क ।
और इश्क चीज़ नहीं है यारो, हर दिल का फरमान है इश्क ।।